हुई है किस क़दर अर्ज़ानी-ए-मय-ए-जल्वा
कि मस्त है तिरे कूचे में हर दर-ओ-दीवार
“How freely flows the wine of Your radiant sight,That in Your lane, every door and wall is drunk with its light.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
तुम्हारे दर्शन की मदिरा कितनी सस्ती हो गई है, कि तुम्हारी गली में हर दरवाज़ा और दीवार मदहोश है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
