Sukhan AI
बीम-ए-रक़ीब से नहीं करते विदा'-ए-होश
मजबूर याँ तलक हुए ऐ इख़्तियार हैफ़

From rival's fear, I do not bid my consciousness goodbye, To such a plight of helplessness, O choice, alas, I cry!

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

रक़ीब के डर से मैं अपनी चेतना का त्याग नहीं करता। हम इस हद तक मजबूर हो गए हैं, हे विकल्प/अधिकार, अफ़सोस है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.