जलता है दिल कि क्यूँ न हम इक बार जल गए
ऐ ना-तमामी-ए-नफ़स-ए-शोला-बार हैफ़
“My heart burns, why did I not burn to ash in one swift blaze?Alas, the incompleteness of this breath, showering flames!”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरा दिल जलता है कि मैं एक ही बार में क्यों न जल गया। अफ़सोस है इस अधूरी शोलों से भरी साँस पर।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
