Sukhan AI
नामा भी लिखते हो तो ब-ख़त-ए-ग़ुबार हैफ़
रखते हो मुझ से इतनी कुदूरत हज़ार हैफ़

A letter, should you write, is but a dusty scrawl, alas!Such deep resentment do you bear for me, a thousand sorrows!

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

अफ़सोस, तुम अगर ख़त भी लिखते हो तो वह धूल भरे अक्षरों में होता है। अफ़सोस कि तुम मुझसे इतनी नफ़रत रखते हो।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.