थी मेरे ही जलाने को ऐ आह-ए-शो'ला-रेज़
घर पर पड़ा न ग़ैर के कोई शरार हैफ़
“O flame-showering sigh, you were but to consume me; Alas, no spark reached the rival's home.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ऐ शो'ला-रेज़ आह, तुम सिर्फ़ मुझे ही जलाने के लिए थीं। अफ़सोस, दुश्मन के घर कोई चिंगारी नहीं गिरी।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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