है सरीर-ए-ख़ामा रेज़िश-हा-ए-इस्तिक़्बाल-ए-नाज़
नामा ख़ुद पैग़ाम को बाल-ओ-पर-ए-परवाज़ है
“The pen's scratch, a shower welcoming coy grace, The letter itself lends the message wings for its flight.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
कलम की सरसराहट नाज़ के स्वागत की बौछारें हैं। पत्र स्वयं संदेश को उड़ने के लिए पंख प्रदान करता है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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