दूर चश्म-ए-बद तिरी बज़्म-ए-तरब से वाह वाह
नग़्मा हो जाता है वाँ गर नाला मेरा जाए है
“Far from your joyous assembly, may evil eye stay away, bravo! For my lament, should it reach there, turns into a song.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
आपकी खुशियों भरी महफिल से बुरी नज़र दूर रहे, वाह! यदि मेरा दुख भरा रोना वहाँ पहुँच भी जाए, तो वह एक गीत बन जाता है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
