Sukhan AI
हो के आशिक़ वो परी-रुख़ और नाज़ुक बन गया
रंग खुलता जाए है जितना कि उड़ता जाए है

That fairy-faced beloved, once in love, grew more frail,Its colour brightens forth, the more it starts to pale.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

वह परी जैसे चेहरे वाला प्रियतम, आशिक़ होकर और नाज़ुक बन गया। उसका रंग जितना उड़ता जाता है, उतना ही खुलता जाता है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.