Sukhan AI
शब को किसी के ख़्वाब में आया न हो कहीं
दुखते हैं आज उस बुत-ए-नाज़ुक-बदन के पाँव

Did he, last night, perchance grace someone's dream?For today, that delicate idol's feet are aching, it would seem.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

कहीं ऐसा तो नहीं कि वह रात को किसी के सपने में आया हो? क्योंकि आज उस कोमल शरीर वाले बुत के पाँव दुख रहे हैं।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.