जुम्बिश-ए-दिल से हुए हैं उक़्दा-हा-ए-कार वा
कम-तरीं मज़दूर-ए-संगीं-दस्त है फ़रहाद याँ
“By the heart's soft tremor, all life's knots unbind; Farhad here, is but a stone-handed labourer, of the humblest kind.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हृदय की धड़कन से ही काम के सभी बंधन खुल गए हैं। यहाँ फ़रहाद तो बस एक सबसे छोटा पत्थर तोड़ने वाला मज़दूर है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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