ना-गवारा है हमें एहसान-ए-साहब-दाैलताँ
है ज़र-ए-गुल भी नज़र में जौहर-ए-फ़ौलाद याँ
“The benefactions of the wealthy are to us repugnant; For even floral gold, to us, is steel's hard essence.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हमें धनवानों के एहसान पसंद नहीं हैं। हमारी नज़र में फूल का सोना भी यहाँ फ़ौलाद का जौहर (सार) है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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