दूद मेरा सुंबुलिस्ताँ से करे है हम-सरी
बस-कि शौक़-ए-आतिश-गुल से सरापा जल गया
“My smoke now rivals the hyacinth's fair grace, For by the fiery flower's passion, I've burned from head to toe.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरा धुआँ सुंबुल की सुंदरता से मुकाबला कर रहा है, क्योंकि मैं आतिशी फूल के प्रेम में सिर से पाँव तक पूरी तरह से जल गया हूँ।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
