दिल नहीं तुझ को दिखाता वर्ना दाग़ों की बहार
इस चराग़ाँ का करूँ क्या कार-फ़रमा जल गया
“I don't show my heart to you, else a spring of wounds you'd see, But what can I do with this illumination, when its very director ceased to be?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मैं तुम्हें अपना दिल नहीं दिखाता, वरना तुम दाग़ों की बहार देखते। मैं इस चराग़ाँ का क्या करूँ, जब इसका कार-फ़रमा (संचालक) ही जल गया है?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
