दर-ख़याल आबाद सौदा-ए-सर-ए-मिज़्गान-ए-दोस्त
सद-रग-ए-जाँ जादा-आसा वक़्फ़-ए-नश्तर-ज़ार है
“In thought, the madness for the beloved's eyelashes resides,A hundred life-veins, like a path, to a lancet-field it yields.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरे विचारों में महबूब की पलकों के सिरों का जुनून बसा हुआ है। सौ जान की नसें, एक रास्ते की तरह, नश्तरों के मैदान को समर्पित हैं।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
