Sukhan AI
ऐ शो'ला फ़ुर्सते कि सवैदा-ए-दिल से हूँ
किश्त-ए-सिपंद-ए-सद-जिगर अंदोख़्तन हुनूज़

O Flame, what leisure, that from my heart's core so deep I am,A hundred livers' rue-harvest, I still have to amass.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

हे ज्वाला, मुझे कहाँ की फुरसत, क्योंकि अपने दिल के गहरे काले स्थान से, मुझे अभी सौ जिगरों के अस्पंद की फसल इकट्ठी करनी है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.