ऐ आरज़ू शहीद-ए-वफ़ा ख़ूँ-बहा न माँग
जुज़ बहर-ए-दस्त-ओ-बाज़ू-ए-क़ातिल दुआ न माँग
“O desire, martyr of true love, demand no blood-money for your plight, Save for the killer's hand and arm, ask for no other prayer, no other right.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हे आरज़ू, वफ़ा के शहीद, तुम ख़ून-बहा मत माँगो। कातिल के हाथ और बाज़ू के सिवा कोई और दुआ मत माँगो।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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