मिली न वुसअ'त-ए-जौलान यक जुनूँ हम को
अदम को ले गए दिल में ग़ुबार सहरा का
“For one madness, we found no expanse to roam,Into oblivion, we bore the desert's dust in our heart.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हमें अपने एक भी जुनून को व्यक्त करने का अवसर नहीं मिला। इसलिए, हम अधूरी इच्छाओं की रेगिस्तानी धूल को अपने दिल में लेकर अदम तक चले गए।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev10 / 10
