दूर-ऊफ़्तादा-ए-चमन-ए-फ़िक्र है 'असद'
मुर्ग़-ए-ख़याल बुलबुल-ए-बे-बाल-ओ-पर है आज
“Asad is far removed from the garden of thought,His bird of fancy today is a wingless, featherless nightingale.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
असद विचारों के बाग से दूर हो गया है। उसका कल्पना का पक्षी आज बिना पंख और परों वाला बुलबुल है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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