जिस जा कि पा-ए-सैल-ए-बला दरमियाँ नहीं
दीवानगाँ को वाँ हवस-ए-ख़ानमाँ नहीं
“Where the foot of calamity's flood does not intervene,The madmen there harbor no desire for a home.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
जहाँ किसी आपदा या विपत्ति के सैलाब का ज़रा भी हस्तक्षेप नहीं होता, वहाँ दीवाने लोग घर या गृहस्थी की कोई इच्छा नहीं रखते।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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