'असद' है नज़्अ' में चल बे-वफ़ा बराए-ख़ुदा
मक़ाम-ए-तर्क-ए-हिजाब-ओ-विदा-ए-तम्कीं है
“Asad is in the throes of death, come, faithless one, for God's sake.It's the moment to cast off veils and bid farewell to dignity.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
असद मौत की कगार पर है, हे बेवफ़ा, खुदा के वास्ते आओ। यह पर्दे त्यागने और गरिमा को विदा कहने का समय है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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