बहम बालीदन-ए-संग-ओ-गुल-ए-सहरा ये चाहे है
कि तार-ए-जादा भी कोहसार को ज़ुन्नार-ए-मीना हो
“This concurrent blooming of desert stone and flower desires,That even the thread of the path might become a sapphire sacred thread for the mountain.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
रेगिस्तान के पत्थर और फूल का यह एक साथ खिलना चाहता है कि रास्ते का धागा भी पहाड़ के लिए एक नीलम का जनेऊ बन जाए।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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