तू मुझे भूल गया हो तो पता बतला दूँ
कभी फ़ितराक में तेरे कोई नख़चीर भी था
“Should you have forgotten me, allow me to remind you, Was there not once some prey within your hunting-sling too?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अगर तुम मुझे भूल गए हो, तो मैं तुम्हें याद दिलाना चाहता हूँ। क्या कभी तुम्हारी शिकार की डोरी में कोई शिकार नहीं था?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
