तकल्लुफ़ साज़-ए-रुस्वाई है ग़ाफ़िल शर्म-ए-रानाई
दिल-ए-ख़ूँ-गश्ता दर दस्त-ए-हिना-आलूदा उर्यां है
“O heedless one, affectation brings ignominy to beauty's modesty,The blood-soaked heart lies exposed in a henna-stained hand.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हे ग़ाफ़िल, बनावट सुंदरता की लज्जा के लिए बदनामी का कारण बनती है। ख़ून से सना दिल मेंहदी लगे हाथ में बेपर्दा पड़ा है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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