ग़म आग़ोश-ए-बला में परवरिश देता है आशिक़ को
चराग़-ए-रौशन अपना क़ुल्ज़ुम-ए-सरसर का मर्जां है
“Grief, in calamity's embrace, does nurture the lover's soul,Our shining lamp is the coral of the tempest's ocean's roll.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
दुख और परेशानियाँ प्रेमी को संकटों के आगोश में पालती हैं। हमारा चमकता हुआ दीपक तूफानी सागर का मूंगा है, जो कठिनाइयों में भी चमकता है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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