ज़ोफ़ से गिर्या मुबद्दल ब-दम-ए-सर्द हुआ
बावर आया हमें पानी का हवा हो जाना
“My weeping, from weakness, to cold sighs converted;Then water becoming air, our minds accepted.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अत्यधिक कमज़ोरी के कारण मेरा रोना ठंडी आहों में बदल गया; तब हमें पानी के हवा हो जाने पर विश्वास हुआ।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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