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था ख़्वाब में ख़याल को तुझ से मुआ'मला
जब आँख खुल गई न ज़ियाँ था न सूद था

In dreams, my thoughts were deeply intertwined with you,When eyes opened, no loss, no profit, nothing remained true.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

सपने में मेरे विचारों का तुमसे संबंध था। जब मेरी आँख खुली, तो न कोई हानि थी और न कोई लाभ।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

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