लेता हूँ मकतब-ए-ग़म-ए-दिल में सबक़ हनूज़
लेकिन यही कि रफ़्त गया और बूद था
“I still take lessons in the heart's school of pain, But only this: 'it was', and 'it will not come again'.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मैं दिल के ग़म के मदरसे में अब भी सबक लेता हूँ, लेकिन बस यही कि जो चला गया वो चला गया और जो था वो अब नहीं रहा।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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