ता'अत में ता रहे न मय-ओ-अंगबीं की लाग
दोज़ख़ में डाल दो कोई ले कर बहिश्त को
“Lest devotion be driven by the desire for wine and honey, let someone take Paradise and cast it into Hell.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ताकि इबादत में मय और अंगबीं की लालच न रहे, कोई बहिश्त को लेकर दोज़ख़ में डाल दे।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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