कहीं हक़ीक़त-ए-जाँ-काही-ए-मरज़ लिखिए
कहीं मुसीबत-ए-ना-साज़ी-ए-दवा कहिए
“Somewhere, describe the truth of the soul-consuming illness, nowhere, tell of the plight of the ineffective medicine.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
कहीं जानलेवा बीमारी की सच्चाई को लिखें, और कहीं दवा के बेअसर होने की समस्या को बताएं।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
