दे के ख़त मुँह देखता है नामा-बर
कुछ तो पैग़ाम-ए-ज़बानी और है
“Having given the letter, the messenger watches my face;Surely, there's some other verbal message too.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
पत्र देने के बाद दूत मेरा चेहरा देख रहा है; निश्चित रूप से कोई और ज़ुबानी संदेश भी है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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