है रंग-ए-लाला-ओ-गुल-ओ-नसरीं जुदा जुदा
हर रंग में बहार का इसबात चाहिए
“The hues of tulip, rose, and jasmine are distinct and clear,Yet in each color, spring's affirmation must appear.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ट्यूलिप, गुलाब और चमेली के रंग अलग-अलग होते हैं। फिर भी, हर रंग में बसंत की पुष्टि होनी चाहिए।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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