निहाँ है गौहर-ए-मक़्सूद जेब-ए-ख़ुद-शनासी में
कि याँ ग़व्वास है तिमसाल और आईना दरिया है
“The pearl of purpose lies concealed in self-knowledge's hold,For here, the diver is one's image, and the mirror is the sea.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
इच्छित उद्देश्य का मोती आत्म-ज्ञान के आँचल में छिपा हुआ है। क्योंकि यहाँ गोताखोर अपनी ही छवि है और दर्पण ही सागर है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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