Sukhan AI
न लाई शोख़ी-ए-अंदेशा ताब-ए-दर्द-ए-नौमीदी
कफ़-ए-अफ़सोस सौ दिन 'अह्द तज्दीद-ए-तमन्ना है

The daring thought could not bear the pain of despair's hold,A hundred days of regret renews desire's promise, bold.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

विचार की चंचलता निराशा के दर्द को सहन न कर सकी। सौ दिनों तक पछतावे के कारण हाथ मलना इच्छा की प्रतिज्ञा को नया करता है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.