ब-सख़्ती-हा-ए-क़ैद-ए-ज़िंदगी मा'लूम आज़ादी
शरर दर-बंद-ए-दाम-ए-रिश्ता-ए-रग-हा-ए-ख़ारा है
“Freedom is known through life's hard chains, Like a spark trapped in flint's stony veins.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
आज़ादी जीवन की कठोर कैद से ही जानी जाती है, ठीक वैसे ही जैसे एक चिंगारी पत्थर की नसों के धागों के जाल में फँसी होती है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
