हुजूम-ए-रेज़िश-ए-ख़ूँ के सबब रंग उड़ नहीं सकता
हिना-ए-पंजा-ए-सैय्याद मुर्ग़-ए-रिश्ता बर-पा है
“The color cannot flee, for blood flows in such streams; the fowler's hand, adorned with henna, is the bound bird it seems.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
खून के अत्यधिक बहाव के कारण रंग उड़ नहीं सकता। शिकारी के हाथ पर लगी मेहंदी ही वह बंधा हुआ पक्षी है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
