फिर वज़'-ए-एहतियात से रुकने लगा है दम
बरसों हुए हैं चाक गरेबाँ किए हुए
“Again, my breath is caught by cautious, careful guise,It's been years since I tore my collar with impassioned cries.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
फिर से सावधानी भरे रवैये से मेरा दम घुटने लगा है। कई साल हो गए हैं जब मैंने अपना गिरेबान फाड़ा था।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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