फिर गर्म-नाला-हा-ए-शरर-बार है नफ़स
मुद्दत हुई है सैर-ए-चराग़ाँ किए हुए
“Again, my breath is a shower of fiery sparks,It's been a long time since I walked among illuminated lamps.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरा श्वास फिर से चिंगारियाँ बरसाने वाली गर्म आहें बन गया है। मुझे दीयों के त्योहार की सैर किए हुए बहुत समय हो गया है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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