बे-दर-ओ-दीवार सा इक घर बनाया चाहिए
कोई हम-साया न हो और पासबाँ कोई न हो
“A house, as if without door or wall, should be built,Let no neighbor dwell there, nor any guard stand still.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
एक ऐसा घर बनाना चाहिए जिसकी न कोई दीवार हो और न कोई दरवाज़ा। जहाँ कोई पड़ोसी न हो और न ही कोई रखवाला हो।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
