Sukhan AI
वाँ करम को उज़्र-ए-बारिश था इनाँ-गीर-ए-ख़िराम
गिर्ये से याँ पुम्बा-ए-बालिश कफ़-ए-सैलाब था

There, grace found rain an excuse, its onward pace restrained;Here, from my tears, the pillow's cotton a flood's foam attained.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

वहाँ, करम को बारिश का बहाना था जिसने उसकी चाल रोक रखी थी। यहाँ, मेरे रोने से तकिये की रुई सैलाब के झाग जैसी हो गई थी।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.