जल्वा-ए-गुल ने किया था वाँ चराग़ाँ आबजू
याँ रवाँ मिज़्गान-ए-चश्म-ए-तर से ख़ून-ए-नाब था
“There, the glory of the blooms had lit the stream with gleam, Here, from tear-wet lashes, pure blood flowed a tragic stream.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
वहाँ फूलों की शोभा ने नदी को रोशन किया था, और यहाँ आँसुओं से भीगी पलकों से शुद्ध खून बह रहा था।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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