फ़र्श से ता 'अर्श वाँ तूफ़ाँ था मौज-ए-रंग का
याँ ज़मीं से आसमाँ तक सोख़्तन का बाब था
“From floor to heavens, a storm of hues did rage,There;Here, from earth to sky, was burning's page.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
वहाँ फर्श से अर्श तक रंगों की लहरों का तूफान था। यहाँ ज़मीन से आसमान तक जलने का एक अध्याय था।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
