सर उड़ाने के जो वा'दे को मुकर्रर चाहा
हँस के बोले कि तिरे सर की क़सम है हम को
“When I repeatedly asked for the promise of my head being severed,They smiled and said, 'By your head, we swear, it shall be delivered!'”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
जब मैंने अपना सिर कलम करने के वादे को बार-बार चाहा, तो वे हँसकर बोले कि हमें तुम्हारे सिर की कसम है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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