कहूँ किस से मैं कि क्या है शब-ए-ग़म बुरी बला है
मुझे क्या बुरा था मरना अगर एक बार होता
“To whom can I convey what this night of sorrow is? It's a most dreadful bane.What harm would dying be to me, if it were but a single pain?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मैं किससे कहूँ कि यह ग़म की रात कैसी बुरी बला है। मुझे मरने में क्या बुराई थी, यदि मृत्यु केवल एक बार आती?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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