आते हैं ग़ैब से ये मज़ामीं ख़याल में
'ग़ालिब' सरीर-ए-ख़ामा नवा-ए-सरोश है
“These themes descend into my thoughts from the unseen realms; 'Ghalib', the scratching of the pen is the voice of an angel.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ये विषय मेरे विचारों में अदृश्य लोक से आते हैं। 'ग़ालिब', कलम के चलने की आवाज़ एक देवदूत की ध्वनि है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
