Sukhan AI
हो कर शहीद इश्क़ में पाए हज़ार जिस्म
हर मौज-ए-गर्द-ए-राह मिरे सर को दोश है

Having embraced martyrdom in love, a thousand forms I've found;Each swirl of dust on the path, upon my head is bound.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

इश्क़ में शहीद होकर मैंने हज़ारों जिस्म पाए हैं। रास्ते की गर्द का हर मौज मेरे सर पर बोझ है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.

← Prev14 / 14