क़ुसूर-वार ग़रीब-उद-दयार हूँ लेकिन
तिरा ख़राबा फ़रिश्ते न कर सके आबाद
“Though I am a poor, flawed, and distressed wanderer, Your ruin, even angels could not make prosperous.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
मैं दोषों से भरा, गरीब और दुखी यात्री हूँ, लेकिन तुम्हारे खंडहर को फ़रिश्ते भी बसा नहीं सकते।
विस्तार
यह शेर उस गहरे प्रभाव की बात करता है जो किसी प्रियजन की याद या उसके टूटने से उत्पन्न होता है। शायर कहते हैं कि मैं बेशक ग़रीब और कमज़ोर हूँ, लेकिन जिस तरह से तेरा ख़राबा है.... वो इतना गहरा है.... कि फ़रिश्ते भी वहाँ बस नहीं सकते। यह प्रेम की उस शक्ति को दर्शाता है जो किसी भी व्यवस्था से परे होती है।
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