नज़र आएगा उसी को ये जहान-ए-दोष-ओ-फ़र्दा
जिसे आ गई मयस्सर मिरी शोख़ी-ए-नज़ारा
“Only he will see this world of fault and tomorrow, Whose heart has become enchanted by my charming sight.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
नज़र आएगा ये दोषों और कल का संसार, केवल उसी को, जिसे मेरी नज़ारे की नज़ाकत (शोख़ी) मिल गई।
विस्तार
यह शेर बहुत गहरा है, यह बात करता है कि जीवन की असली खूबसूरती और उसकी जटिलता सिर्फ उसी व्यक्ति को दिखाई देगी। शायर कह रहे हैं कि मेरी शोख़ी, मेरा नज़ारा... यह केवल उस दिल को मिलेगा, जो सच में समझने वाला होगा। यानी, सच्ची मोहब्बत में ही इंसान को जीवन के हर रंग, हर दोष और हर उम्मीद का एहसास होता है।
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