तारे आवारा-ओ-कम-आमेज़
तक़दीर-ए-वजूद है जुदाई
“The stars wander, elusive and stray, Existence's fate is separation's way.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
तारे आवारा-ओ-कम-आमेज़, वजूद की तक़दीर ही जुदाई है।
विस्तार
यह शेर वजूद की तन्हाई को बहुत गहराई से छूता है। शायर कहते हैं कि ये तारे भी.... जो इतने दूर और चमकते हैं.... वो आवारा हैं, कम-आमेज़ हैं। क्यों? क्योंकि वजूद की तकदीर ही जुदाई है। हम सब कहीं न कहीं से बिछड़ने के लिए बने हैं। यह एहसास हर रिश्ते और हर सफर में एक उदासी भर देता है।
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