अब क्या जो फ़ुग़ाँ मेरी पहुँची है सितारों तक
तू ने ही सिखाई थी मुझ को ये ग़ज़ल-ख़्वानी
“What has reached my heart, my dear, that it touches the stars, You yourself taught me this art of composing verses and songs.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
अब क्या जो मेरी भावनाएं सितारों तक पहुँच गई हैं, तुमने ही मुझे यह कविता रचने की कला सिखाई थी।
विस्तार
देखिए, शायर यहाँ अपनी कला की ऊंचाई को देखकर हैरान हैं। उनका गान, उनकी ग़ज़ल, सितारों तक पहुँच गई है! लेकिन यह एहसास उन्हें याद दिलाता है कि यह हुनर उन्हें किसी और ने दिया है। यह शेर सिर्फ़ एक कला की बात नहीं करता, बल्कि यह दिखाता है कि ज़िंदगी में जो भी बड़ी उपलब्धि मिलती है, उसका श्रेय हमेशा किसी और को देना चाहिए।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
