मिरी नवा-ए-परेशाँ को शाइरी न समझ
कि मैं हूँ महरम-ए-राज़-ए-दुरून-ए-मय-ख़ाना
“Do not mistake my troubled poetry for a song, That I am the confidant of the secrets of my heart.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
मेरे परेशान शायरी को सिर्फ़ शायरी मत समझना, कि मैं अपने मन के गहरे राज़ का महरूम हूँ।
विस्तार
यह शेर गहरे भावनात्मक दर्द को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि मेरे जो कष्ट हैं, उन्हें सिर्फ़ शायरी मत समझना। मेरा दर्द किसी सामान्य कविता का हिस्सा नहीं है.... यह तो दिल के सबसे गहरे, सबसे गुप्त राज़ों को जानता है। यह एक चेतावनी है कि मेरा गम सिर्फ़ कला नहीं, बल्कि मेरी हकीकत है।
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